Buland kesari/पंजाब में पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। अब ज्यादातर शहरों में पेट्रोल 100 रुपए के पार पहुंच गया है। वहीं, धान रोपाई से पहले डीजल की कीमत 87.83 रुपए से बढ़कर 90.78 रुपए प्रति लीटर हो गई है। हालांकि, अलग-अलग शेहरों में दामों में अंतर है।
चंडीगढ़ में भी पेट्रोल के दाम ₹94.30 से बढ़कर अब ₹97.44 और डीजल ₹82.45 प्रति लीटर से बढ़कर ₹85.56 प्रति लीटर हो गए हैं। वहीं, पंजाब में कई जगह रेट बढ़ने के बाद पंपों पर लाइन लग गई। इसके चलते अमृतसर के इस्लामाबाद पंप पर तेल खत्म हो गया।
उधर, पेट्रोल पंप एसोसिएशन का कहना है कि फ्यूल के दामों में अभी और इजाफा हो सकता है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने कहा कि हम भी जल्द किराया बढ़ाएंगे और सब्जियों के दाम इससे बढ़ सकते हैं। पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है।
अन्य चीजों के दाम भी बढ़ सकते हैं…
डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर आम आदमी की जेब और किचन पर पड़ता है। इसे ऐसे समझिए:
- मालभाड़ा बढ़ेगा: ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ जाएगा, जिससे दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियां, फल और राशन महंगे हो जाएंगे।
- खेती की लागत: ट्रैक्टर और पंपिंग सेट चलाने के लिए किसानों को ज्यादा खर्च करना होगा, जिससे अनाज की लागत बढ़ेगी।
- बस-ऑटो का किराया: सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
डीजल के दाम बढ़ने का पंजाब के किसानों पर क्या असर…
- पंजाब के किसानों को ₹500 करोड़ ज्यादा खर्च करना पड़ेगाः पेट्रोलियम योजना एवं विश्लेषण सेल के अनुसार पंजाब में धान सीजन (4 महीने) में कुल ₹189 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती है। आज हुई ₹3.11 प्रति लीटर की वृद्धि के कारण, पंजाब के किसानों को इस सीजन में कुल ₹587.79 करोड़ अतिरिक्त चुकाने होंगे।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सालाना ₹1000 करोड़ का बोझः खेत की तैयारी और सिंचाई के लिए प्रति एकड़ औसतन 90 लीटर डीजल इस्तेमाल होता है, जिस पर अब ₹279.90 रुपए प्रति एकड़ का सीधा बोझ बढ़ गया है। सूबे में किसानों के 5.5 लाख ट्रैक्टर डीजल से चलेंगे, केवल खेती से जुड़ा यह अतिरिक्त खर्च पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सालाना ₹1,000 करोड़ का बोझ डालेगा।
- किसानों पर हर रोज 3 करोड़ रुपए का भारः सामान्य दिनों में खेती का डेली डीजल खर्च लगभग 95 लाख से 1 करोड़ लीटर के बीच रहता है। धान की बुवाई और गेहूं की कटाई के पीक सीजन में यह मासिक आंकड़ा बढ़कर 45 करोड़ लीटर से 50 करोड़ लीटर तक पहुंच जाता है। अब 3.11 रुपए की बढ़ोतरी के हिसाब से सामान्य दिनों में भी पंजाब के किसानों को हर महीने लगभग 90 करोड़ रुपए और प्रतिदिन 3 करोड़ अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
पेट्रोल एसोसिएशन के प्रधान बोले- अभी और बढ़ेंगे दाम
लुधियाना पेट्रोल एसोसिएशन के प्रधान अशोक सचदेवा ने कहा कि तेल की कीमतें कच्चे तेल की महंगाई के हिसाब से अभी काफी कम बढ़े हैं। लोग भी प्रिपेयर थे कि इतना तो रेट बढ़ेगा ही। लोगों को अपने वाहनों का उतना ही इस्तेमाल करना चाहिए जितनी जरूरत हो। आने वाले दिनों में कीमत और भी बढ़ सकती है।
पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था।
पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे।

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