Buland kesari/जालंधर में विभिन्न सिख प्रतिनिधि संगठनों ने एडीसी अमनिंदर कौर बराड़ को मांगपत्र सौंपकर सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और कार्यों पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ को दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की मांग भी शामिल है।
संगठनों ने कहा कि फिल्म ‘सतलुज’ पर बिना किसी स्पष्ट कारण के प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे सिख समुदाय में नाराजगी है। उन्होंने सरकार से अपील की कि प्रतिबंध हटाकर फिल्म को दोबारा रिलीज करने की अनुमति दी जाए।

मांगपत्र सौंपने वालों में शिरोमणि अकाली दल (पुनर-सुरजीत), इंटरनेशनल पंथक दल, यूनाइटेड अकाली दल, बेगमपुरा खालसा राज पार्टी और पंथक आजाद ग्रुप सहित विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।
तीन मांगो को लेकर अकाली दल ने दिया ज्ञापन
शिरोमणि अकाली दल (पुनर-सुरजीत) के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला ने मांगों की जानकारी देते हुए बताया कि पहली मांग बंदी सिंहों की तत्काल रिहाई है। दूसरी मांग मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म ‘सतलुज’ पर लगे प्रतिबंध को हटाकर इसे दोबारा ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करना है। उन्होंने बताया कि तीसरी मांग जसवंत सिंह खालड़ा हत्याकांड के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सरकार इन मांगो का समाधान निकाले
संगठनों ने मौजूदा सरकार से सिख समुदाय से जुड़े लंबित मामलों में न्याय सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की अपील की। गुरप्रताप सिंह वडाला ने कहा कि सरकार को इन मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि सिख समुदाय की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।

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