Buland kesari/जालंधर से कनाडा में पढ़ाई के लिए गए स्टूडेंट की हार्ट अटैक से मौत हो गई। युवक मॉन्ट्रियल शहर में रहा था था। उसकी पहचान आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। इसे लेकर कनाडा में रह रही बहन नवजोत कौर और जीजा ने बताया कि अकाशदीप 2023 में अपना फ्यूचर बनाने का सपना लेकर कनाडा आया था। आकाशदीप की मौत के बाद से वहां के भारतीय समुदाय और पंजाब में उनके पैतृक गांव में शोक की लहर है।
बहन नवजोत कौर का भाई का कपड़ों से भरा सूटकेस देख फूट-फूटकर बुरा हाल है। उसने बताया कि परिवार ने अभी कुछ समय पहले ही आकाशदीप को कपड़े भेजे थे। अभी उसके सूटकेस भी पैक हैं और कपड़ों से टैग तक नहीं उतरे थे कि भाई की मौत की सूचना आई। 7 अप्रैल को घर में आया हार्ट अटैक
बहन ने बताया कि अकाशदीप 7 अप्रैल को रूटीन की तरह कॉलेज गया था। वहां से आने के बाद वह अपने कमरे में आराम कर रहा था कि उसे हार्ट अटैक आ गया। जैसे ही उसके रूममेट को पता चला तो वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
5 हजार डालर के करीब फंड किया एकत्र बहन ने बताया कि आकाशदीप का संस्कार नहीं किया गया है। उसके शव को भारत लेकर जाने के लिए पैसों की जरूरत है और वह आनलान फंड जुटा रहे हैं। गो फंडिंग के जरिए भारतीय और पंजाबी कम्युनिटी के लोग फंडिंग कर रहे हैं और 5 हजार डालर के करीब फंडिंग मिल चुकी है।
दोस्तों की भावुक अपील
जरूरी नहीं कि आप बड़ी राशि ही दान करें, आपकी 5, 10 या 20 डॉलर की छोटी सी मदद भी इस दुख की घड़ी में परिवार का सहारा बन सकती है।

कमरे के फर्श पर बेसुध मिला आकाशदीप
जानकारी के अनुसार, घटना 7 अप्रैल की है। जब आकाशदीप के दोस्त उसके कमरे में पहुंचे, तो उन्होंने उसे फर्श पर बेसुध गिरा हुआ पाया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आकाशदीप केवल एक साल पहले ही पढ़ाई के लिए कनाडा आया था।
सूटकेस में रखे कपड़ों से टैग तक नहीं उतरे
आकाशदीप की मौत की खबर मिलते ही उसकी बहन और जीजा सस्काटून (Saskatoon) से मॉन्ट्रियल पहुंचे। वहां का मंजर देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। बताया जा रहा है कि आकाशदीप के सूटकेस में अभी भी वे कपड़े वैसे ही रखे थे जो उसकी माँ ने भारत से भेजें थे। कई कपड़ों से तो अभी ब्रांड टैग तक नहीं हटे थे। जिस बेटे के स्वागत की माँ भारत में राह देख रही थी, अब उसी बेटे की अस्थियां वहां पहुंचेंगी।
परिवार पर कर्ज का बोझ, आर्थिक मदद की अपील आकाशदीप के परिवार की स्थिति काफी नाजुक बताई जा रही है। बेटे को विदेश भेजने के लिए परिवार ने भारी ‘स्टडी लोन’ लिया था। अब न केवल परिवार ने अपना बेटा खो दिया है, बल्कि उन पर कर्ज का बड़ा आर्थिक बोझ भी है। कनाडा में अंतिम संस्कार और कानूनी कागजी कार्रवाई के खर्चों को देखते हुए स्थानीय समुदाय ने गो फंड मी पर एक अभियान शुरू किया है।
बहन बोली-2023 में कनाडा आया था आकाशदीप मेरा नाम नवजोत कौर है, और मैं अपने भाई, आकाशदीप सिंह के लिए धन (फंड) जुटा रही हूं। आकाशदीप एक बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ 2023 में एक अंतरराष्ट्रीय छात्र के रूप में कनाडा आए थे। दुर्भाग्य से, एक अप्रत्याशित घटना ने उनकी जान ले ली। जब उनके दोस्त उनके घर उनसे मिलने गए, तो उन्होंने उन्हें फर्श पर गिरा हुआ पाया। उन्हें तुरंत मॉन्ट्रियल के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उनका निधन हो गया।

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