Buland Kesari/ जालंधर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एयर इंडिया के खिलाफ एक अहम आदेश जारी करते हुए यात्री को टिकट राशि ब्याज समेत लौटाने के निर्देश दिए हैं।
मामला पंजाब के जालंधर जिले के गांव तलवन निवासी और इंग्लैंड में रहने वाले कुलतार सिंह जोहल का है, जिन्होंने कोविड काल के दौरान एयर इंडिया की फ्लाइट बुक करवाई थी। आयोग ने माना कि एयर इंडिया ने बिना किसी उचित कारण के वर्षों तक रिफंड रोककर “सेवा में कमी” दिखाई।
क्या था पूरा मामला?
शिकायतकर्ता कुलतार सिंह जोहल ने 26 जनवरी 2021 को अमृतसर से लंदन हीथ्रो के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट बुक करवाई थी। टिकट की कुल राशि 2 लाख 16 हजार 930 रुपये थी, जिसका भुगतान एचडीएफसी बैंक शाखा तलवन, जालंधर के माध्यम से किया गया था।
इसके बाद 29 जनवरी 2021 को एयर इंडिया की ओर से ईमेल भेजकर बताया गया कि फ्लाइट “ऑपरेशनल कारणों” से रद्द कर दी गई है। शिकायतकर्ता ने यात्रा पुनर्निर्धारित करने से इनकार करते हुए रिफंड की मांग की।
आरोप है कि शिकायतकर्ता ने कई ईमेल भेजे, कानूनी नोटिस भी दिया, लेकिन एयर इंडिया ने लगभग 5 वर्षों तक पैसा वापस नहीं किया। आखिरकार पीड़ित को जिला उपभोक्ता आयोग जालंधर का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
एयर इंडिया ने क्या दलील दी?
एयर इंडिया की ओर से आयोग में कहा गया कि:
- शिकायत तकनीकी रूप से सही नहीं है क्योंकि एयर इंडिया एयरलाइंस को अलग से पक्षकार नहीं बनाया गया।
- टिकट यूके से बुक हुई थी, इसलिए जालंधर आयोग के पास अधिकार क्षेत्र नहीं बनता।
- हालांकि आयोग ने दोनों दलीलों को खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि:
- एयर इंडिया के स्टेशन मैनेजरों को पक्षकार बनाया गया है, इसलिए शिकायत वैध है।
- भुगतान जालंधर स्थित बैंक शाखा से हुआ था और टिकट का लेनदेन जालंधर से जुड़ा हुआ है, इसलिए आयोग को सुनवाई का अधिकार है।
आयोग ने क्या कहा?
आयोग के सदस्य जसवंत सिंह ढिल्लों, सदस्य ज्योत्सना और अध्यक्ष डॉ. हरवीन भारद्वाज की पीठ ने कहा कि एयर इंडिया लगातार शिकायतकर्ता को टालती रही और बिना वजह रिफंड रोके रखा।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि एयर इंडिया की यह कार्रवाई उपभोक्ता सेवा में स्पष्ट कमी है।
आयोग का आदेश
जालंधर जिला उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया को आदेश दिया कि वह:
2,16,930 रुपये की टिकट राशि लौटाए
इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दे
मानसिक परेशानी और उत्पीड़न के लिए 20,000 रुपये मुआवजा दे
10,000 रुपये मुकदमे का खर्च अदा करे
आयोग ने आदेश की प्रति मिलने के 45 दिनों के भीतर पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
उपभोक्ताओं के लिए बड़ा संदेश
यह फैसला उन हजारों यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिनकी फ्लाइट कोविड काल में रद्द हुई थीं और जिन्हें लंबे समय तक रिफंड नहीं मिला। उपभोक्ता आयोग ने साफ संकेत दिया है कि एयरलाइन कंपनियां यात्रियों का पैसा वर्षों तक रोककर नहीं रख सकतीं।

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