जालंधर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ‘पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन’ (PSIEC) के चीफ जनरल मैनेजर (CGM) को समन जारी कर तलब किया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए इस समन में सीजीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे ‘रितेश प्रॉपर्टीज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ को जारी किए गए अलॉटमेंट लेटर (जमीन आवंटन पत्र) के संपूर्ण और मूल रिकॉर्ड के साथ ईडी के समक्ष पेश हों।
यह पूरा मामला पंजाब सरकार के पूर्व उद्योग मंत्री और लुधियाना से विधायक संजीव अरोड़ा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी एक व्यावसायिक फर्म को नियमों को ताक पर रखकर 40 एकड़ बेशकीमती जमीन अलॉट करने के गंभीर आरोपों से संबंधित है। ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने जालंधर कार्यालय से इस विवादित प्रॉपर्टी की मंजूरी से जुड़े तमाम अन्य आधिकारिक दस्तावेज भी तलब किए हैं।
चंडीगढ़ कोठी से हुई थी पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है:
* **10 घंटे की पूछताछ:** पूर्व उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को ईडी की टीम ने इसी वर्ष 9 मई को चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित उनकी सरकारी कोठी (आवास) से गिरफ्तार किया था।
* **दिल्ली किया था शिफ्ट:** करीब 10 घंटे तक चली सघन पूछताछ और जांच-पड़ताल के बाद, शाम को लगभग 5 बजे ईडी की टीम संजीव अरोड़ा को चंडीगढ़ और हरियाणा के नंबरों वाली सुरक्षा गाड़ियों के काफिले में दिल्ली ले गई थी।
157.12 करोड़ रुपये का कथित फर्जीवाड़ा और अवैध राउंड-ट्रिपिंग
प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा पर सरकारी खजाने को भारी चपत लगाने और निजी वित्तीय लाभ कमाने के कई सनसनीखेज आरोप लगे हैं:
* **शेल कंपनियां और फर्जी एक्सपोर्ट:** जांच एजेंसी के मुताबिक, अरोड़ा ने अपनी विभिन्न फर्मों के माध्यम से मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त में करीब 157.12 करोड़ रुपये की फर्जी बिक्री (Fake Sales) दिखाई। इसके लिए बकायदा शेल (फर्जी) कंपनियों का जाल बिछाकर कागजों पर नकली एक्सपोर्ट (निर्यात) दिखाए गए।
* **दुबई से राउंड-ट्रिपिंग:** ईडी का आरोप है कि इन फर्जी निर्यात सौदों का मुख्य मकसद दुबई से भारत में अवैध काले धन की राउंड-ट्रिपिंग (अवैध धन को घुमाना) करना था।
* **GST रिफंड का घोटाला:** सरकारी खजाने को नुकसान पहुँचाने के लिए दिल्ली की कई फर्जी और गैर-मौजूद फर्मों के नाम पर नकली जीएसटी (GST) बिल तैयार किए गए। इसके जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), एक्सपोर्ट पर अवैध जीएसटी रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक हासिल किया गया।
जालंधर में ठेकेदार और CA अमित बजाज पर भी कस चुका है शिकंजा
इस मामले की आंच पूर्व में जालंधर तक भी पहुँच चुकी है। करीब 11 दिन पहले ईडी की जांच टीमों ने जालंधर में नगर निगम के जाने-माने ठेकेदार और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अमित बजाज के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी।
> **वित्तीय लेन-देन का आरोप:** जांच एजेंसी के अनुसार, जब संजीव अरोड़ा स्थानीय निकाय मंत्री (Local Bodies Minister) के पद पर तैनात थे, तब अमित बजाज की फर्मों और उनके बीच बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुआ था। अमित बजाज और उनके भाई इंद्रजीत बजाज की कंपनियां पंजाब, गुजरात और अन्य राज्यों में नगर निगम के बड़े ठेके लेती रही हैं, जो अब केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर हैं।

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