Buland kesari/पंजाब के पठानकोट जिले में स्थित माधोपुर हेडवर्क्स पर हुई बड़ी प्रशासनिक लापरवाही के चलते राज्य सरकार ने जल संसाधन विभाग के तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। इनमें कार्यकारी अभियंता (XEN) नितिन सूद, उप मंडलीय अधिकारी (SDO) अरुण कुमार और जूनियर इंजीनियर (JE) सचिन ठाकुर शामिल हैं। यह कार्रवाई 27 अगस्त को माधोपुर बैराज के दो फ्लड गेट टूटने की घटना के बाद की गई, जिसमें भारी तबाही देखने को मिली थी।
घटना के दिन भारी बारिश और बाढ़ के कारण रंजीत सागर डैम से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया था। इस दबाव को माधोपुर बैराज के गेट संभाल नहीं सके और दो गेट खोलने के प्रयास के दौरान टूट गए। इससे अचानक पानी का बहाव बढ़ गया और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। करीब 50 लोग पानी में फंस गए, जिन्हें सेना और आपदा राहत बल की मदद से रेस्क्यू किया गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई।
जांच में सामने आया कि बैराज की सुरक्षा और क्षमता को लेकर पिछले वर्ष एक निजी कंपनी द्वारा ऑडिट किया गया था, जिसमें कहा गया था कि यह संरचना 6.25 लाख क्यूसेक पानी तक का दबाव सह सकती है। लेकिन वास्तविकता में गेट इससे कहीं कम दबाव में ही टूट गए, जिससे निर्माण और निरीक्षण में बड़ी चूक का संकेत मिला। सरकार ने इस निजी कंपनी को भी नोटिस जारी किया है।
राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

Disclaimer:Buland Kesari receives the above news from social media. We do not officially confirm any news. If anyone has an objection to any news or wants to put his side in any news, then he can contact us on +91-98880-00404.








